गलतियों का दुसरा नाम अनुभव
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अनुभव क्या आता है मन में जब आप और में ये शब्द सुनते है । कि अभी हमें वो काम नहीं करना चाहिये क्योंकि हमें अनुभव नहीं है । कि हमें अभी सिर्फ अपने सिनियरस को देखकर सिखना चाहिये । यही बाते आती है ना आपके मेरे सबके मन में
लेकिन में आज एक छोटा सा सवाल सबसे पुछना चाहती हुँ और ये सवाल मेरे खुद केे मन में भी आता है । कि हम जिससे सिखने गये है तो उन्होने अपना अनुभव हमारी तरह यूँ सिनियर के पास खडे होकर बनाया था या यूँ ही डर के खडे रहकर बनाया है । लेकिन जवाब नहीं में मिलता है । तो यही कि आज मुझे ज्यादा नहीं लेकिन थोडा समझ आया की अनुभव किससे बनता है क्या जो जिंदगी में बहुत अच्छा होता है उससे नहीं ये हमारी गलतफेमी है । या यूँ कहे की हम दुनियों को दिखने के लिए कहते है बल्कि जिंदगी में जो बहुत खराब हुआ है उससे आता है । वो जिंदगी के कडवे सच हमें सिखाते हैें कि जब तेंज आंधी चल रही है तो कैसे एक अडिग पेड की तरह खडा रहने चाहिये । मेरा ये ब्लाग पड कर आपको लग रहा होगा की में इतनी छोेटी उम्र में इतनी बडी बाते कैसे कर रही हुँ लेकिन सच में मेंने 20 की उम्र में बहुँत कुछ अच्छा है और बहुत कुछ बुरा देखा स्कुल से लेकरल आज कोलेज और नोकरी तक मेंने बहुत कुछ अच्छा देखा और बहुत कुछ खराब औऱ यकीन मानिये मेंने अच्छी नहीं बल्कि खराब से सिखा हैThe blog I need help with is: (visible only to logged in users)
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